Joyful Birthday Mayawati: IAS बनना चाहती थीं मायावती, कांशीराम से मिलने के बाद अधिकारी बनने का छोड़ा था सपना

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Joyful Birthday Mayawati: IAS बनना चाहती थीं मायावती, कांशीराम से मिलने के बाद अधिकारी बनने का छोड़ा था सपना



नई दिल्लीः देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में इन दिनों सियासी सरगर्मियां जोरों पर चल रही हैं, जिसे लेकर सभी राजनीतिक दल अपने पक्ष में रुझान करने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही हैं। सियासी समीकरण के बीच उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती का आज जन्मदिन है। मायावती आज 66 साल की हो गई हैं, जिन्हें पार्टी के नेता व कार्यकर्ता जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं। 15 जनवरी 1956 को गौतमबुद्धनगर के बादलपुर गांव में पैदा हुईं मायावती ने जीवन में संघर्ष कर जो पहचान बनाई वह किसी के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है। मायावती ने कभी पढ़ाई में मेहनत कर आईएएस बनने का सपना देखा था, लेकिन परिस्थिति ऐसी बनीं कि उन्हें सियासत में जाना पड़ा।वहीं, मायावती की जीवनी लिखने वाले लेखक अजय बोस ने की अपनी किताब ‘बहनजी- बायोग्राफी ऑफ मायावती’में दावा किया है कि यूपी में सीएम का पद हासिल करने वाली राज्य की दलित मुख्यमंत्री मायावती को घर में ही भेदभाव का सामना करना पड़ा था। यह भेदभाव उनके दलित होने पर नहीं, बल्कि लड़की होने के लिए किया गया था और यह करने वाले उनके ही पिता थे। छह भाईयों और तीन बहनों वाले उनके परिवार में सभी बहनों को भेदभाव का सामना करना पड़ा। जहां उनके सभी भाईयों की पढ़ाई पब्लिक स्कूलों में हुई, वहीं सभी बहनों का दाखिला सस्ते सरकारी स्कूल में करवाया गया।मायावती अपने सभी भाई बहनों में पढ़ने में सबसे तेज थीं। उन्होंने आईएस बनने का सपना देखा था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने बच्चों को पढ़ाने का भी काम किया। वह दिल्ली में जेजे कॉलोनी के एक स्कूल में पढ़ाती थीं। स्कूल की नौकरी के बाद जो समय बचता था उसे वह यूपीएससी की तैयारी में लगाती थीं। लेकिन, उनके जीवन में तब एक बड़ा बदलाव आया जब कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी का गठन किया। मायावती उनकी विचारधारा से काफी प्रभावित हुईं। इसके बाद उन्होंने आईएएस बनने को अपने सपने को छोड़ दिया और राजनीति में कूद गई। – 1956 में जन्मी थीं मायावतीमायावती की निजी जिंदगी की बात करें तो उनका जन्म दिल्ली के इंद्रपुरी इलाके में 15 जनवरी 1956 को हुआ था। उन्होंने 1975 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस और इकॉनोमिक्स में बीए की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने 1976 में मेरठ विश्वविद्यालय से बी.एड. किया और बतौर टीचर काम करते हुए 1983 में डीयू से एलएलबी की डिग्री भी ली.वहीं, मायावती यूपीएससी की परीक्षा पास कर एक आईएएस अफसर बनना चाहती थी और उसके लिए तैयारी भी करती थीं, लेकिन 1977 में कांशीराम के कहने पर मायावती ने अपना घर और सपना छोड़ दिया और राजनीति में एंट्री ली।
first printed:Jan. 15, 2022, 9:22 a.m.



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